कुछ मज़ेदार लम्हे…

May 5, 2016

ईमानदारी

Filed under: हिंदी — Yogesh Marwaha @ 10:42
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पति (मरते समय अपनी बीवी से): अलमारी से तेरे सोने के गहने मैंने ही चोरी किए थे.
बीवी रोते हुए: कोई बात नहीं जी.
पति: तेरे भाई ने तुझे जो एक लाख रुपए दिए थे वह भी मैंने ही गायब किए थे.
पत्नी: कोई बात नहीं मैंने आपको माफ किया.
पति: तेरे कीमती साड़ियां भी मैंने चोरी कर अपनी प्रेमिका को दे दिए थे.
पत्नी: कोई बात नहीं जी, आपको जहर भी तो मैंने ही दिया था हो गई बात बराबर!

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February 16, 2012

अजब प्रेम कि गज़ब कहानी…

Filed under: हिंदी — Yogesh Marwaha @ 20:26
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लड़का: मेरे पास अपने दोस्त जैसी कार तो नहीं, पर मैं तुम्हे अपनी पलकों पर बिठा के घुमाऊंगा. मेरे पास उस जैसा बंगला तो नहीं, पर तुम्हे अपने दिल में जगह दूँगा. मेरे पास उस जितने पैसे तो नहीं, पर मैं मेहनत मजदूरी करके तुम्हे खिलाऊंगा. और तुम्हे क्या चाहिए?

लड़की: तुम्हारे दोस्त का मोबाईल नंबर.

Source: SMS

November 29, 2011

दिमाग!

Filed under: हिंदी — Yogesh Marwaha @ 17:24
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एक जगह दीवार पर लिखा था “यहाँ पर कुत्ते पेशाब करते हैं.”

संत वहाँ पर पेशाब करता है और हँसते हुए कहता है, “इसे कहते हैं दिमाग. पेशाब मैंने किया और नाम कुत्ते का आएगा!”

Source : SMS

February 21, 2011

गब्बर सिंह का सटीक चरित्र चित्रण

Filed under: हिंदी — Yogesh Marwaha @ 18:06
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  1. सादा जीवन, उच्च विचार: उसके जीने का ढंग बड़ा सरल था – पुराने और मैले कपड़े, बड़ी हुई दाढ़ी, महीनों से जंग खाते दांत और पहाड़ों पर खानाबदोश जीवन – जैसे मध्यकालीन भारत का फकीर हो. जीवन में अपने लक्ष्य की ओर इतना समर्पित कि ऐशो-आराम और विलासिता के लिए एक पल की भी फुर्सत नहीं. और विचारों में उत्कृष्टता के क्या कहने! “जो डर गया, सो मर गया” जैसे संवादों से उसने जीवन की क्षणभंगुरता पर प्रकाश डाला था.
  2. दयालु प्रवृति: ठाकुर ने उसे अपने हाथों से पकड़ा था, इसलिए उसने ठाकुर के सिर्फ हाथों को सजा दी. अगर वो चाहता तो गर्दन भी काट सकता था, पर उसके ममतापूर्ण और करुणामय ह्रदय ने उसे ऐसा करने से रोक दिया.
  3. नृत्य-संगीत का शौक़ीन: “महबूबा ओ महबूबा” गीत के समय उसके कलाकार ह्रदय का परिचय मिलता है. अन्य डाकुओं की तरह उसका ह्रदय शुष्क नहीं था. बसंती की पकड़ने के बाद उसके मन का नृत्य-प्रेमी फिर से जाग उठा था. उसने बसंती के अंदर छुपी नर्तकी को एक पल में पहचान लिया था. गौरतलब यह है कि कला के प्रति अपने प्रेम को अभिव्यक्त करने का वह कोई अवसर नहीं छोड़ता था.
  4. अनुशासनप्रिय नायक: जब कालिया और उसके दोस्त अपने काम से नाकाम होकर लौटे तो उसने कतई ढीलाई नहीं बरती. अनुशासन के प्रति अपने अगाध समर्पण को दर्शाते हुए उसने उन्हें तुरंत सज़ा दी.
  5. हास्य-रस का प्रेमी: उसमें गज़ब का ‘सेंस ऑफ ह्यूमर’ था. कालिया और उसके दो दोस्तों को मारने से पहले उसने उन तीनों को खूब हँसाया था, ताकि वो हँसते-हँसते दुनिया को अलविदा कह सकें. वह आधुनिक युग का ‘लाफिंग बुद्धा’ था.
  6. नारी के प्रति सम्मान: बसंती जैसी सुंदर नारी का अपहरण करने के बाद उसने उससे नृत्य का निवेदन किया. आज-कल का खलनायक होता तो शायद कुछ और करता.
  7. भिक्षुक जीवन: उसने हिंदू धर्म और महात्मा बुद्ध द्वारा दिखाए गए भिक्षुक जीवन के रास्ते को अपनाया था. रामपुर और दुसरे आस-पास के गांवों से उसे जो भी सुखा-कच्चा मिलता था, वो उसी से अपनी गुजर-बसर करता था. सोना, चांदी, बिरयानी या चिकन मलाई टिक्का कि उसने कभी इच्छा ज़ाहिर नहीं की.
  8. सामाजिक कार्य: डकैती के पेशे के अलावा वो छोटे बच्चों को सुलाने का भी काम करता था. सेंकड़ों माताएं उसका नाम लेती थीं ताकि बच्चे बिना कलह किये सो जाएँ. सरकार ने उस पर ५०,००० रूपए का इनाम घोषित कर रखा था. उस युग में ‘कौन बनेगा करोड़पति’ ना होने के बावजूद लोगों को रातों-रात अमीर बनाने का गब्बर का यह सच्चा प्रयास था.
Source: E-mail

February 18, 2011

किस से मिलना चाहोगे?

Filed under: हिंदी — Yogesh Marwaha @ 14:18
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जज: फाँसी से पहले किस से मिलना चाहोगे?

संता: बीवी से.

जज: माता-पिता से नहीं?

संता: माता-पिता तो अगला जनम होते ही मिल जायेंगे, बीवी के लिए २५ साल इंतज़ार करना पड़ेगा..!

Source: SMS

March 16, 2010

कंजूसी

Filed under: हिंदी — Yogesh Marwaha @ 15:58
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एक कंजूस लड़का एक कंजूस लड़की से प्यार करने लगता है…

लड़की: जब पिताजी सो जाएँगे तब में गली में सिक्का फेंक दूंगी, फिर तुम फ़ौरन अंदर आ जाना.

…लेकिन लड़का सिक्का फेंकने के एक घंटा बाद आया…

लड़की: इतनी देर क्यों लगा दी?

लड़का: मैं सिक्का ढूँढ रहा था.

लड़की: पागल, वो तो मैने धागा बाँध कर फेंका था!

Source: SMS

March 12, 2010

चमत्कारी तोता

Filed under: हिंदी,ਪੰਜਾਬੀ,English — Yogesh Marwaha @ 15:57
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एक आदमी ने चिड़ियाघर में ३ भाषाएँ बोलने वाला तोता देखा जो इंग्लिश, हिंदी और पंजाबी बोलता था.

उसने टेस्ट करने के लिए तोते से पूछा: Who are you?

तोता: Parrot.

आदमी: तुम कौन हो?

तोता: मैं तोता हूँ.

आदमी: ਤੂ ਕੌਣ ਹੈ?

तोता: ਤੇਰੀ ਮਾਂ ਦਾ ਖਸਮ. ਸਾਲੇਯਾ ਇਕ ਵਾਰੀ ਚ ਸਮਝ ਨਹੀਂ ਆਉਂਦੀ ਤੋਤਾ ਹਾਂ!

Source: SMS

बेचारा मर्द…

Filed under: हिंदी — Yogesh Marwaha @ 14:40
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अगर औरत पर हाथ उठाए तो ज़ालिम और पिट जाए तो बुजदिल.

औरत को किसी के साथ देख के लड़ाई करे तो jealous और चुप रहे तो बे-गैरत.

घर से बाहर रहे तो आवारा और घर में रहे तो नाकारा.

बच्चों को डांटे तो जालिम और न डांटे तो लापरवाह.

औरत को नौकरी करने से रोके तो शक्की-मिजाज़ और न रोके तो औरत की कमाई खाने वाला.

आखिर ये बेचारा मर्द जाए कहाँ!!!

Source: SMS

December 11, 2009

एक ख़त

Filed under: हिंदी — Yogesh Marwaha @ 13:01
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एक गाँव में एक स्त्री थी. उसके पति आई. टी. आई. में कार्यरत थे. वह अपने पति को पत्र लिखना चाहती है पर अल्पज्ञानी होने के कारण उसे यह पता नहीं होता की पूर्णविराम कहाँ लगेगा. इसीलिए उसका जहाँ मन करता है वहीं पूर्णविराम लगाती है. और इक प्रकार वह चिट्ठी लिखती है…

मेरे प्यारे जीवनसाथी मेरा प्रणाम आपके चरणों में. आप ने अभी तक चिट्ठी नहीं लिखी मेरी सहेली को. नौकरी मिल गयी है हमारी गाय ने. बछड़ा दिया है दादाजी ने. शराब शुरू कर दी मैंने. तुमको बहुत ख़त लिखे पर तुम नहीं आए कुत्ते के बच्चे. भेड़िया खा गया दो महीने का राशन. छुट्टी पर आते वक़्त ले आना एक खूबसूरत औरत. मेरी सहेली बन गई है. और इस वक़्त टी.वी. पर गाना गा रही है हमारी बकरी. बेच दी गई है तुम्हारी माँ. तुमको याद कर रही है एक पड़ोसन. हमें बहुत तंग करती है तुम्हारी बहन. सिर दर्द से लेटी है तुम्हारी पत्नी.

Source: e-mail

December 9, 2009

पत्नी चालीसा

Filed under: हिंदी — Yogesh Marwaha @ 22:03
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नमो-नमो पत्नी महारानी, तुम्हारी महिमा कोई न जानी ||१||

हमने समझा तुम अबला हो, पर तुम सबसे बड़ी बला हो ||२||

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