कुछ मज़ेदार लम्हे…

December 9, 2009

Gay

Filed under: हिंदी — Yogesh Marwaha @ 21:26
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एक किसान अनाज की बोरियां लेकर बैलगाड़ी से जा रहा था…

संता ने रोक कर पूछा: क्या है?

किसान: साहब, गेहूँ.

संता: अबे तो हाथ मिला, मैं भी ‘gay’ हूँ!

Source: SMS

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