कुछ मज़ेदार लम्हे…

December 9, 2009

पत्नी चालीसा

Filed under: हिंदी — Yogesh Marwaha @ 22:03
Tags:

नमो-नमो पत्नी महारानी, तुम्हारी महिमा कोई न जानी ||१||

हमने समझा तुम अबला हो, पर तुम सबसे बड़ी बला हो ||२||

जिस दिन हाथ मैं बेलन आवे, उस दिन पति खूब चिल्लावे ||३||

सारे bed पर पत्नी सोवे, पति बैठ फर्श पर रोवे ||४||

तुमसे ही घर मथुरा काशी, और तुमसे ही घर सत्यानाशी ||५||

पत्नी चालीसा जो नर गावे, सब सुख छोड़ परम दुःख पावे ||६||

Source :SMS

Advertisements
TrackBack URI

Blog at WordPress.com.