कुछ मज़ेदार लम्हे…

November 18, 2009

हे भगवान्

Filed under: हिंदी — Yogesh Marwaha @ 15:34
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संता: डॉक्टर साहब, मेरी समस्या यह है कि मैं खुद को भगवान् समझता हूँ.

डॉक्टर: ऐसा कब से है?

संता: जब से मैंने यह दुनिया बनाई है!

Source: SMS

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